हिंदी वेब सीरीज जो हिन्दू धर्म की संस्कृति को बदनाम करके अश्लीलता की हदे पार कर रही है दिखा रहे हैं एसे सीन की शर्म से सिर झुक जाए

2016 में जिओ कंपनी द्वारा भारत में सस्ता इंटरनेट लाने के बाद भारत में लगभग सभी लोग इंटरनेट से जुड़ गए जिसका भारत के लोगो को बहुत फायदा और नुकसान भी हुआ। लोग हर समय डिजिटल होने के कारन अपना ज्यादा से ज्यादा समय ऑनलाइन बिताने लगे जिसके कारन लोग टीवी देखना या रेडियो सुनना छोड़ दिए। इसी बिच पश्चिमी सभ्यता से प्रेरित होकर भारत में हिंदी वेब सीरीज आया। ये वेब सीरीज एक कहानी होता है जिसमे सभी पात्र एक महत्वपूर्ण भूमिका में रहते है। कहने को तो ये सारे वेब सीरीज हिंदी में होते है लेकिन ये हिन्दू धर्म की संस्कृति को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ते है।
इससे पहले हिन्दुओ को बदनाम करने के लिए बॉलीवुड की कुछ फिल्मो का भी कम योगदान नहीं रहा है। जैसे पी. के. जैसी फिल्म जिसमे हिन्दू देवी देवताओ और उनकी संस्कृति को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ा गया है। परन्तु बॉलीवुड की फिल्मो में एक हद तक ही चीज़े दिखा सकते है क्योकि वहा सेंसर बोर्ड से आज्ञा लेना पड़ता है और उनकी स्वीकृति के बाद ही फिल्म को रिलीज़ किआ जाता है।

लेकिन जब से ये वेब सीरीज आया है सबकुछ बदल के रख दिआ वेब सीरीज पर किसी का नियंत्रण नहीं होता है, ना ही इसके लिए कोई सेंसर बोर्ड होता है और न ही किसी सरकार का कोई हस्तछेप होता है। जिसके कारन इनको किसी से कोई आज्ञा या स्वविकृति नहीं लेना पड़ता है। जिसके वजह से वे कुछ भी दिखा सकते है।

वैसे तो बहुत से वेब सीरीज है जो हिन्दू धर्म को बदनाम करने में और अश्लीलता फ़ैलाने में कोई कसर नहीं छोड़े है। लेकिन आज हम बात कर रहे है अमेज़न प्राइम पर आई हिंदी वेब सीरीज पाताल लोक की। इस वेब सीरीज में बहुत से ऐसे सीन्स दिखाए गए है जो हिन्दू समाज के साथ साथ देश की खिलाफत भी करता है। इस वेब सीरीज को अनुष्का शर्मा ने प्रोडूस किआ है, अनुष्का शर्मा हमेशा से देश के खिलाफ फिल्म बनाने में आगे रही है। अनुष्का शर्मा ने ही पी के जैसी फिल्म बनायीं थी।

पाताल लोक वेब सीरीज में जात पात, हिन्दू मुस्लिम, हिन्दू देवताओ के ऊपर भी कटाक्ष किआ गया है, कही बेईज्जती किआ गया है तो कही हिन्दुओ की छवि को बदनाम किआ गया है। इन दिनों सोशल मीडिया पर इसको बहिष्कार करने के लिए खूब विडिओ, आर्टिकल, और पोस्ट्स आ रहे है। जिसके बारे में आप पहले से भली भांति जानते होंगे। आज मै आपको इस वेब सीरीज से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य बताऊंगा जिसको जानकार आप भी बोलेंगे कि इसका बहिष्कार क्यों होना चाहिए, तो चलिए देखते है।

सबसे पहले इस सीरीज में एक कुतिया है जिसका नाम सावित्री रखा गया है। हिन्दू धर्म में सावित्री एक देवी है जिनको हम सति सावित्री के नाम से जानते है, जिन्होंने अपने पति के जान बचाने के लिए यमराज से भी लड़ गई थी। ऐसे में एक कुतिया का नाम सावित्री रखना बेहद शर्मनाक है।
इस वेब सीरीज में एक सीन ऐसा है जिसमे एक किरदार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी के जैसा भगवा वस्त्र में दिखाया गया है। .और उस किरदार को छुआ छूत करते हुए दिखाया गया है, उसमे दिखाया गया है की एक भगवा धरी जब किसी दलित घर भोजन करता हैं तब वो अपने घर जाकर खुद को पवित्र करने के लिए गंगाजल से स्नान करता है
एक सीन में बजरंग दल और करनी सेना जैसे भगवा धारी राम भक्तों को आतंकवादी की तरह दिखाया गया है जिसमे सभी भगवा धारि अपने साथ खतरनाक हथिआर लेकर घूम रहे है, और एक मुसलमान लड़के का ट्रैन में चिकन का मीट खाने के लिए खून कर देते है। ऐसा एक घटना सच हुआ था जिसमे जुनैद नाम के एक लड़के हुआ था लेकिन उसका खून भगवाधारिओ ने नहीं किआ था और ना ही मीट खाने के लिए। उस घटना में ट्रैन में एक सीट के लिए लड़ाई हुई थाई जिसमे भीड़ ने उसको पीट कर मार डाला था।
वेब सीरीज में एक मंदिर के पुजारी को गन्दी गन्दी गाली देते हुए दिखाया जाता है। जबकि हिन्दू धर्म में मंदिर के पुजारी हमेशा भगवान् का नाम लेते है
इस वेब सीरीज में एक ऐसा सीन दिखाया गया है जिसमे सरस्वती माता के मंदिर में उनके मूर्ति के सामने मंदिर के चौखट पे बैठकर कुछ लोग मांस खा रहे है। जो की बेहत शर्मनाक है। हिन्दू धर्म में लोग जिस दिन चिकेन खाते है उस दिन मंदिर के आस पास भी नहीं जाते है।
इतना सबकुछ देखने के बाद आपको क्या लगता है की पाताल लोक का बहिष्कार होना चाहिए या नहीं आप अपनी राय कमेंट करके बता सकते है।

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